Published:
07 Oct 2026, 12:07 AM
Category:
राज्य
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By: Saluja Express
देहरादून। देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दलों पर पलटवार किया है। दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सीएम धामी ने कहा कि भाजपा-एनडीए ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने से पहले भी लगातार चुनाव जीत रही थी, इसलिए उनके आरोपों में कोई दम नहीं है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को फरवरी 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त निर्वाचित किया गया है, लेकिन उससे पहले भी देश के विभिन्न राज्यों में और केंद्र में भाजपा-एनडीए की जीत दर्ज की जा रही थी। उन्होंने इस तर्क को खारिज कर दिया कि चुनाव परिणामों में कथित गड़बड़ियां ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति से जुड़ी हैं। धामी ने यह भी बताया कि SIR प्रक्रिया कोई नई बात नहीं है और इससे पहले भी 20 से अधिक बार यह प्रक्रिया हो चुकी है, जिस पर कभी आपत्ति नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह अनावश्यक रूप से हंगामा कर रही है। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि SIR प्रक्रिया मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि गलत नामों और घुसपैठियों को मतदान के अधिकार से रोका जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई इस प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है, तो 'दाल में कुछ काला' है, क्योंकि ऐसे लोग चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करते रहे हैं।
